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बुधवार, 19 सितंबर 2012

ये पोस्ट जरुर पढ़े और शेयर भी करे, आप सब से हाथ जोड़ कर निवेदन हें, सारे दलो के नेता मोदी को हराने के पीछे पड़े, अकेला पड़ता एक विकास पुरुष......

गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा व काग्रेस समेत करीब एक दर्जन राजनीतिक दल मैदान में कूद चुके है। काग्रेस, जीपीपी, राकापा, जदयू, लोजपा, शिवसेना, सपा व बसपा सहित हर दल के निशाने पर गुजरात गोरव मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी है, जबकि मोदी के निशाने पर प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह व काग्रेस महासचिव राहुल गाधी। सारी पार्टिया आज मोदी जी के पीछे हाथ धो कर पड़ गयी हें, क्यों की वो सिर्फ आम जनता के विकास और फायदे के ही काम करते हें, और दुसरे दल सिर्फ लफ्फासी बाते ही करते हें, और घोटालो के बारे में तो आप जानते ही हें | अब ये सारे चोर और घोटालेबाज दल और नेता यही चाहते हें, और यही काम करते आये हें की, जो भी इस देश का या जनता का विकास करता हें या करने की कोशिश भी अगर करता हें तो ये उसे डुबोने में या उसे बहुत भारी अपराधी साबित करने में लग जाते हें| अब सब मोदी जी के पीछे इसलिए ही पड़े हें क्यों की उनके द्वारा कराए गये विकास कार्यो की चर्चा भारत में ही नही पुरे विश्व में हो रही हें |  
मोदी जी देश के विकास की बात कर रहे है, जबकि अन्य दल वोट ''कटवा'' बनकर भाजपा और मोदी जी का चुनावी गणित बिगाड़ने की रणनीति पर चल रहे है। देश के आम चुनाव से पहले गुजरात विधानसभा के चुनाव को सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री मोदी व काग्रेस नेता राहुल गाधी का आमना सामना तय है। राजनीतिक बयानबाजी के चलते इस चुनाव पर देश की नजरे टिकी है, मोदी अपनी विवेकानंद युवा यात्रा के जरिए जनसंपर्क में जुटे है, जबकि काग्रेस को अपने स्टार प्रचार राहुल का इन्तजार है। मुख्यमंत्री मोदी अपने शासन के चार हजार दिन पूरे करने के साथ ही मंगलवार को राज्य के 14 हजार सरपंचों का महासम्मेलन आयोजित कर एक बड़े वोट बैंक को साधने की तैयारी में है। इससे पहले मोदी ने गाधीनगर में ही महात्मा मंदिर की स्थापना के दौरान भी प्रदेश के सभी सरपंचों को इसमें भागीदार बनाया था। उधर काग्रेस केंद्र सरकार तथा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की उपलब्धियों को जनता तक पहुचाकर गुजरात की दशा और दिशा बदलने का भरोसा दे रही है। काग्रेस अपने गुजरात प्रजा विकास दर्शन के जरिए अब तक सात चुनावी घोषणाएं कर चुकी है, जिसमें महिलाओं को आवास, युवाओं को रोजगार, ब्याज मुक्त मोबाइक, मुफ्त शिक्षा व स्वास्थ्य के साथ मुफ्त लेपटॉप देने का झूठा वादा किया गया है।अगर गुजरात की जनता इन चोर कांग्रेसियों के झूठे वादों के चक्कर में पड़ी तो वो अपने विकास पुरुष मोदी को खो देगी | और कांग्रेस फिर से गुजरात को बीमारू राज्यों की लाइन में ला कर पटक देगी | मुख्यमंत्री मोदी अब तक अपने विकास कार्यो के साथ काग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाए हुए है, अब उनके मुद्दों में किराना बाजार में विदेशी निवेश, डीजल के दाम में वृद्धि तथा राहत दरों पर मिलने वाले गैस सिलेंडर भी शामिल हो गए है। मोदी केंद्र के इन फैसलों को जनविरोधी बताने के साथ काग्रेस पर देश को बर्बाद करने का भी आरोप लगा रहे है। इसके जवाब में काग्रेस ने अपने चुनाव प्रबंधकों को मैदान में उतारने के संकेत दिए है। देश में सूचना क्राति के जनक सैम पित्रोदा को गुजरात भेजकर इसकी शुरुआत भी कर दी है। पित्रोदा का कहना है कि केंद्र सरकार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाधी और बोफोर्स तोप घोटाले के पिता के 21वीं सदी के भारत का सपना पूरा करने को कटिबद्ध है। जिसमे पुरे देश को अमेरिका के यहा गिरवी रखना भी शामिल हें |
मेरी गुजरात वासियों से एक ही अपील हे की मोदी जेसा व्यक्ति उन्हें वापस कभी नही मिलेगा | वोटिंग वाले दिन सब अपना काम बंद रख कर अपने परिवार के हर इंसान वो चाहे कहीं भी हो, उसका वोट मोदी जी के पक्ष में डलवाए, जाती-पाती और दलगत निति से ऊपर उठ कर मोदी को वोट करे, और सारे चोर और लुटर डालो को सबक सिखाये ताकि दुबारा वो गुजरात का रुख नही करे|      

''सिटी ऑफ़ लन्दन'' ने गाये गुजरात और मोदी की महिमा के गुण, दोनों को माना दुनिया के लिए रोल-मोडल ....

दुनिया में नरेंद्र मोदी के शासन में गुजरात की आर्थिक तरक्की, सभी के लिए चर्चा का विषय बन गई है। लंदन के औद्योगिक हिस्से ''सिटी ऑफ लंदन'' की ओर से कराए गए अध्ययन में भारत के गुजरात राज्य को ''आश्चर्यजनक'' करार दिया गया है। वित्तीय रूप से विश्वसनीय बताते हुए गुजरात सरकार के बारे में कहा गया है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी [पीपीपी] की मदद से बनने वाली परियोजनाओं को लागू करने में गुजरात की मोदी सरकार का प्रदर्शन बेमिसाल है।
लंदन शहर का हिस्सा ''सिटी ऑफ लंदन'' ब्रिटेन में वित्तिय सेवा उद्योग का केंद्र है। उसकी ओर से भारत पर सेमीनार के दौरान एक समीक्षा रिपोर्ट पेश की गई। इसमें कहा गया कि राज्य में पीपीपी परियोजनाओं के लिए मजबूत ढांचा है। गुजरात इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एक्ट के रूप में ऐसी परियोजनाओं के अमल के लिए उसके पास व्यापक अधिकार हैं। सिटी ऑफ लंदन का मुंबई में ऑफिस है, जो भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार और निवेश को लेकर अहम कड़ी के तौर पर काम करता है|
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय निवेश के मामले में गुजरात पुरे भारत सबसे मजबूत स्थिति में है। वह भारत में शीर्ष निवेश स्थान के रूप में उभरा है। विश्वसनीय राज्य सरकार के कारण वहां भुगतान का जोखिम नहीं है। पीपीपी परियोजनाओं को देख रहे गुजरात इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के पास अपेक्षाकृत बेहतर तकनीकी और आकलन क्षमता है। बोर्ड के कामकाज का तरीका भी काफी निष्पक्ष और पारदर्शी है। पूरी दुनिया जिस राज्य या जिस मोदी की तारीफ़ कर रही हें क्या हम एक मोका उस इंसान को नही दे सकते ? 65 सालो की आजादी में 50 सालो तक कोंग्रेस के गाँधी ''राजपरिवार'' को सत्ता सोंपते आ रहे हें| क्या एक मोका गेर राजनितिक परिवार से आये मोदी को नही मिलना चाहिए ? जिसने गुजरात को बीमारू राज्य से विकसित राज्य में बदल दिया | देश का विकास चाहिए तो मोदी को लाईये |

शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

गुजरात में चुनाव प्रचार से पीछे हटी कांग्रेस, कहा राहुल नही जायेंगे गुजरात प्रचार करने .....

Modi challenges 'scared' Rahul to come and campaign in Gujaratगुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने काग्रेस महासचिव राहुल गांधी को प्रदेश में प्रचार की चुनौती दी है। पर कांग्रेस का कहना हें की राहुल गुजरात में प्रचार कार्यक्रम में हिस्सा नही लेंगे। शायद यु.पी. चुनाव से कुछ सबक मिला हें ।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि काग्रेस यह कह रहीहै, कि राहुल गुजरात में प्रचार नहीं करेंगे। क्यों? मैं और गुजरात की जनता इसका कारण जानना चाहती है। क्या राहुल यह सोचते हैं कि गुजरात बहुत बुरा है, इसलिए वह प्रचार नहीं करेंगे? या फिर उन्हें पता हें, की गुजरात में राहुल हो चाहे सोनिया इनकी दाल नही गलेगी, चाहे कितना भी प्रचार कर ले ।
वलसाड के मोटा पोंधा गाव में एक रैली में मोदी ने यह बात कही। मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह किसी से भी मुकाबले के लिए तैयार हैं। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने भी कहा कि राहुल गाधी गुजरात कैसे आ सकते हैं ? क्योंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में काग्रेस की हार के बाद उन्हें हकीकत पता चल गई है ।

बुधवार, 12 सितंबर 2012

मोदी-गाथा की गाथा की झलकिया, तस्वीर विकसित गुजरात की जिसे शायद देश के दुसरे लोग नही देख पाते हे ......

 ये नजारा किसी विदेशी लोकेशन का नही हें, ये हें हमारे नरेन्द्र मोदी के गुजरात का 
साबरमती नदी के उपर खड़े एक पुल का नजारा, ये तो सिर्फ एक हिस्सा है, गुजरात गोरव नरेन्द्र मोदी के सपने ''समान रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट'' का ।
जो साबरमती आज से दस साल पहले अपनी दोनों और की गन्दगी और झोपड़-पट्टी के कारण बदनाम थी और गंदे नाले में तब्दील होने जा रही थी दिल्ली की यमुना नदी की तरह, उसी साबरमती नदी को आज मोदी ने नदियों की रानी जैसा रूप दे दिया सिर्फ दस साल में इसे कहते है विकास। 

दस साल पहले सड़क दुर्घटना में मरने वालो की जो तादाद थी, उस में भारी गिरावट आयी है आज मोदी  की 108 इमर्जन्सी की वजह से, 

आज तक १००००० से भी ज्यादा लोगो की जाने बची है, और दूर दराज के गाँव में वक़्त पर 108 पहुँचने की वजह से 1500000 औरतो की सलामत प्रसूति हुई है,और माँ-शिशु म्रत्यु दर भारी कमी आई हें, इसे कहते है विकास.

कांग्रेसियों की चोर नीतियों के कारण पुरे देश में एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट मात्र 3.3% है ,,,वही गुजरात का ग्रोथ रेट 10.8 % है आज,

आज से दस साल पहले गुजरात के किसानो की कुल आय 15000  करोड़ थी वो 700% बढ़कर 96000  जी हां छियानवे हज़ार करोड़ हो चुकी है आज, खेती लायक ज़मीन जो 106 लाख हेक्टर थी, वो भी बढ़ कर 145 लाख हेक्टर हो गयी है।

दिल्ली  के सांसदों के घर में भी आज इनवर्टर या जरनेटर से काम चलाना पड़ता है,,,,और गुजरात के गाँव भी २४ घंटा बिजली से रोशन रहते हें, बिजली बंद होना गुजराती  के लिए आश्चर्य के साथ एडवेन्चर की तरह हें और इतनी सप्लाई के बाद भी सर प्लस बिजली है गुजरात के पास, 
किसी कांग्रेसी दुखियारे राज्य (राजस्थान , महा-राष्ट्र को मदद करने के लिए।

अब आप ही सोच लो की  हिंदुस्तान को भी ऐसा विकसित करना है, या करना है हवाले बंगलादेशी घुस-पेठियो के ताकि मोका मिलते ही आप की माँ बहनों , बीवी बेटियों का 20-30 मुल्ले आराम से बलात्कार करेंगे,देखे -  http://hinduttav.blogspot.in/2012/08/blog-post_11.html
मोदी लाओ देश बचाओ ।

मुझे पता है पता है....इटालियन भक्तो को इनके मंद मोहन के वायदों की तरह मेरे येह आंकड़े झूठे लगेंगे ,,,उनके लिए येह लिंक दे रहा हु, मगर इटालियन चस्मा उतार कर पढ़ना तो मजा आएगा ,

http://www.narendramodi.in/gujarats-agricultural-miracle/ 


बुधवार, 5 सितंबर 2012

नरेन्द्र मोदी को समर्थन करने वाले कोंग्रेसी सांसद को, मोदी को शेर कहना भारी पड़ा खुद कांग्रेस ने लपेटा कोल-मामले में.....

फेसला आपको करना हें की कांग्रेस द्वारा चुतिया बनना हें या, इस बार के चुनावों में इस लुटेरी कांग्रेस को चुतिया बनाना हें,

नरेन्द्र मोदी को ले कर कितना जहर भरा है, कोंग्रेस में इस मामले में साफ़ दिख रहा हें, कई घोटालो में जब भी खुद के मंत्री सांसदों के नाम आये पर उन असली गुनहगारो को उन मामलों में आज तक गिरफ्तार नही किया, और मोदी को शेर कहने वाले सांसद विजय दर्डा को इस मामले में लपेट दिया ताकि एक तीर से दो शिकार हो जाए, की विजय दर्डा की अक्ल भी ठिकाने आ जाए और जनता भी बेवकूफ बन जाए की देखो खुद का सांसद दोषी था तो भी नही बख्शा, और कारवाही की  ??
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आज कोयला घोटाला में पहली FRI दर्ज हुई, ये एक इत्तफाक मात्र नही हो सकता है, कि FIR भी उसी कोंग्रेस सांसद पर हुई। जिसने अभी कुछ दिन पहले ही अहमदाबाद के एक धार्मिक 
समारोह में बाबा रामदेवजी और नरेन्द्र मोदी जी के साथ एक मंच शेयर किया था, और कोंग्रेसी सांसद विजय दरडा ने नरेन्द्र मोदी जी को राजनीती का शेर कहा था, और तभी मोदी जी ने चुटकि भी ली थी, कि दरडा जी पर उनकी (मोदी) की तारीफ़ करने और उन्हें शेर कहने पर कोंग्रेस कोई भी कार्यवाही कर सकती है, और परिणाम आप लोगों के सामने है, अब सवाल ये पैदा होता है कोंग्रेस के अन्दर मोदीजी को लेकर कितना जहर भरा है अपने ही सांसद को सूली पर चढ़ा दिया, क्या कोयला घोटाले में पूरी कोंग्रेस में मात्र दरडा ही दोषी हैं? जब खुद प्रधानमंत्री के हाथ में कोयला मंत्रालय था, मनमोहन के खिलाफ कारवाही क्यों नही ? या उनका सबसे बड़ा गुनाह कोंग्रेस कि नज़र में नरेन्द्र मोदी को शेर कहना है?? फेसला आप खुद कर लीजिये की देश में सच बोलने पर किसी मामले फंसना हें या झूठ बोलकर कांग्रेस की माता सोनिया के तलुवे चाटना हें ......

शनिवार, 1 सितंबर 2012

अगर यही सब कोंग्रेस की नज़र में महिलाओं का सम्मान है, तो अच्छा हुआ, जो नरेंदर मोदी ने इतना सम्मान नही दिया ...

''जो'' अम्बिका सोनी और रुकसाना सुलतान के साथ कभी संजय गांधी ने खूब ''किया''।
जो नारायण दत्त तिवारी ने कई महिलाओं के राज्यपाल ( मुख्यमंत्री से भी बड़े पद) रहते हुए किया।
जो राजस्थान के कोंग्रेसी विधायक महिपाल मदेरणा ने भंवरी देवी के साथ किया।
जो गोपाल कांडा ने दीपिका शर्मा के साथ किया।
जो अभिषेक मनु सिंघवी ने महिला को जज 
बनाने के बदले ऑफर किया।

जो सिन्दूर से तंदूर तक नैना साहनी के साथ किया गया।
जो गिरिजा व्यास के साथ नरसिम्हा राव ने लम्बे समय तक किया।

जो प्रकाश चन्द्र सेठी और रामा राव 
आदिक ने देश में घूम-घूम कर किया .
जो कभी कलकाता में कोंग्रेसीयों ने रवीन्द्र सरोवर काण्ड में किया ।

जो जवाहर नेहरू ने अंग्रेज लेडी माउन्ट बैटन  
(एडिना ) के साथ किया.
जो फीरोज गांधी ने इन्द्रा गांधी के साथ किया ..
.अगर यही सब कोंग्रेस की नज़र में महिलाओं का सम्मान है, तो अच्छा हुआ, जो गुजरात गोरव नरेंदर मोदी 
ने इतना सम्मान नही दिया देश की महिलाओ को । तो निश्चय ही नरेंद्र मोदी ने महिलाओं का अपमान किया है." अगर आप सहमत हो तो शेयर करे .........

गुरुवार, 30 अगस्त 2012

गुजरात ''बाडीगार्ड'' नरेन्द्र मोदी के मुखारबिंद से।।।

खुद मोदी जी के मुख से एक सभा में ......
मेरे यहाँ कई आतंकवादी पकडे गए, कोई अबू बशीर पकड़ा गया, कोई सलीम पकड़ा गया, कोई कयामुद्दीन पकड़ा गया, ना जाने कितने आन,बान,खान पकड़े गए, मैंने भारत सरकार (कांग्रेसी ) को कहा कि आतंकवादियों को 
कठोर से कठोर सजा मिले इसके लिए मुझे ‘’ गुजकोक ‘’ का कानून लागू करने दो, तो मुझे क्या कहते हैं कि मोदी जी ये तो बड़ा ही पिशाची कानून है, इसे हम आपके हाथों में नहीं दे सकते। इसलिए इन आतंकवादियों पर इस कानून का उपयोग नहीं कर सकते। 


लेकिन जब माले-गाँव में बम धमाके हुए, कोई सेना का जवान हिन्दू पकड़ा गया, कोई हिन्दू साधू-महात्मा पकड़ा गया ,कोई हिन्दू साध्वी पकड़ी गयी, तो वहाँ पर ‘’ मकोका ‘’ का कानून लगाते हैं ये उन पर ।
गुजरात का ''गुजकोक'' कानून कोमा, फुल स्टॉप लगाकर बिलकुल महाराष्ट्र के मकोका के कानून कि जेरोक्स कोपी है, कोई फर्क नहीं है। लेकिन फिर भी मुस्लिम वोट बैंक कि राजनीती के कारण उस कानून को लागू नहीं होने दे रहे गुजरात में।
आप मुझे बताइए, कोई अबू बशर पकड़ा जाए, कोई सलीम पकड़ा जाए, कोई कयामुद्दीन पकड़ा जाए, कोई उस्मान पकड़ा जाए तो उस पर कठोर कानून नहीं लगेगा लेकिन अगर कोई साध्वी पकड़ी जाए, कोई साधू पकड़ा जाये, कोई सेना का जवान पकड़ा जाए तो उस पर कठोर कानून लगेगा, आखिर ये भेद-भाव किसके लिए  और क्यों ?? क्या ये कांग्रेस का आतंकवाद से लड़ने का तरीका है ??......क्या सभी आतंकवादियों को एक ही कानून से सजा नहीं होनी चाहिए ??और हमेशा मुस्लिम आदमी ही क्यों आतंकवादी के रूप में सामने आता हें ??

और एक बात और बताऊं, मेरी सरकार जब अबू बशर का रिमांड मांगती है, तो सिर्फ 14 दिन का रिमांड मिलता है, लेकिन महाराष्ट्र कि कोंग्रेस कि सरकार जब साध्वी का रिमांड मांगती है, तो 6 महीने का रिमांड मिलता है।

मेरे यहाँ अगर अबू बशीर भाग गया, तो मैं उसकी सम्पति जब्त नहीं कर सकता हूँ, लेकिन महाराष्ट्र में अगर साध्वी का कोई चेला भाग गया तो उसकी सम्पति जब्त हो जाती है।

मैंने अगर अबू बशर कि टेलीफोन पे बातचीत अपने आकाओं से करते हुए सुन ली, और उसे रिकॉर्ड करके कोर्ट में पेश कि तो भी मैं अबू बशर को सजा नहीं करवा सकता हूँ, लेकिन अगर साध्वी कि फोन कि बातचीत रिकॉर्ड करके कोर्ट में पेश कि गयी तो उसे फांसी तक कि सजा करवाई जा सकती है।

मेरे यहाँ अगर अबू बशर ने किसी के यहाँ रात को आराम किया हो ,किसी के यहाँ बारूद छुपाया हों , किसी के यहाँ खाना खाया हो तो भी मैं उसके उस शुभचितंक को सजा नहीं करवा सकता हूँ, लेकिन अगर साध्वी प्रज्ञा ने या आर्मी के किसी जवान ने किसी के घर में चाय भी पी ली हो तो चाय पिलाने वाले को फांसी कि सजा करवाई जा सकती है।

ये भेदभाव क्यों ............................क्यों ये भेद-भाव ??

और इसीलिए मित्रों मेरी लड़ाई बड़ी मुद्दों कि है और ये दिल्ली कि कोंग्रेस कि सल्तनत मुझे जवाब नहीं दे पा रही है ,मैं आतंकवाद का घौर दुश्मन हूँ और मैं आतंकवाद को हिंदुस्तान कि जड़ों से उखाड फैंकने के लिए बड़ी ताकत से मैदान में उतरा हुआ इंसान हूँ

आपके पास चाहे घर हो ,बंगला हो ,गाडी हो लेकिन जवान बेटा भी तो शाम को जिन्दा और सुरक्षित घर वापस लौटना चाहिए और तब जाकर के कहना पड़ता है मित्रों कि आज के समय में भारतीय जनता पार्टी के अलावा और दूसरा कोई चारा नहीं है।



बुधवार, 22 अगस्त 2012

ये नजारा भारत में सिर्फ गुजरात में ही देखने को मिलेगा ,,,,,,,,,,,,,,,,,,

 ये तस्वीर कही विदेश की नही अपने भारत की ही हें, जी हाँ ये तस्वीर हें गुजरात के साबरमती के किनारे की,  भारत में गुजरात को छोड़ कर हें कही नदी का ऐसा किनारा ? हो तो मुझे बताये ?

अगर पुरे देश को ऐसा ही बनाना चाहते हें तो एक ही विकल्प हें..  नरेन्द्र मोदी

गुरुवार, 16 अगस्त 2012

अन्ना आज अचानक क्यूँ बदल गए ?

नरेन्द्र मोदी को हराने के लिए अन्ना ने बनायीं पार्टी ...