Click here for Myspace Layouts
videshi लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
videshi लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 19 सितंबर 2012

''सिटी ऑफ़ लन्दन'' ने गाये गुजरात और मोदी की महिमा के गुण, दोनों को माना दुनिया के लिए रोल-मोडल ....

दुनिया में नरेंद्र मोदी के शासन में गुजरात की आर्थिक तरक्की, सभी के लिए चर्चा का विषय बन गई है। लंदन के औद्योगिक हिस्से ''सिटी ऑफ लंदन'' की ओर से कराए गए अध्ययन में भारत के गुजरात राज्य को ''आश्चर्यजनक'' करार दिया गया है। वित्तीय रूप से विश्वसनीय बताते हुए गुजरात सरकार के बारे में कहा गया है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी [पीपीपी] की मदद से बनने वाली परियोजनाओं को लागू करने में गुजरात की मोदी सरकार का प्रदर्शन बेमिसाल है।
लंदन शहर का हिस्सा ''सिटी ऑफ लंदन'' ब्रिटेन में वित्तिय सेवा उद्योग का केंद्र है। उसकी ओर से भारत पर सेमीनार के दौरान एक समीक्षा रिपोर्ट पेश की गई। इसमें कहा गया कि राज्य में पीपीपी परियोजनाओं के लिए मजबूत ढांचा है। गुजरात इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एक्ट के रूप में ऐसी परियोजनाओं के अमल के लिए उसके पास व्यापक अधिकार हैं। सिटी ऑफ लंदन का मुंबई में ऑफिस है, जो भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार और निवेश को लेकर अहम कड़ी के तौर पर काम करता है|
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय निवेश के मामले में गुजरात पुरे भारत सबसे मजबूत स्थिति में है। वह भारत में शीर्ष निवेश स्थान के रूप में उभरा है। विश्वसनीय राज्य सरकार के कारण वहां भुगतान का जोखिम नहीं है। पीपीपी परियोजनाओं को देख रहे गुजरात इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के पास अपेक्षाकृत बेहतर तकनीकी और आकलन क्षमता है। बोर्ड के कामकाज का तरीका भी काफी निष्पक्ष और पारदर्शी है। पूरी दुनिया जिस राज्य या जिस मोदी की तारीफ़ कर रही हें क्या हम एक मोका उस इंसान को नही दे सकते ? 65 सालो की आजादी में 50 सालो तक कोंग्रेस के गाँधी ''राजपरिवार'' को सत्ता सोंपते आ रहे हें| क्या एक मोका गेर राजनितिक परिवार से आये मोदी को नही मिलना चाहिए ? जिसने गुजरात को बीमारू राज्य से विकसित राज्य में बदल दिया | देश का विकास चाहिए तो मोदी को लाईये |

शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

देश को बर्बाद करने में लगे बंगलादेशी घुसपेठीये ...........

मानव तस्करी में और अवेध घुसपेठ कराने में लिप्त बांग्लादेश ने अपने देश की युवतियों को भारत भेजने का नायाब तरीका ढूंढ निकाला है।आजकल युवती के साथ एक दलाल होता है। दोनों वैध तरीके से भारत में प्रवेश के लिए बताते हैं कि वे हनीमून के लिए भारत जा रहे हैं।
गत तीन महीने में भारत और बांग्लादेश की सीमा पर करीब 70 महिलाओं और बच्चों को मानव तस्करों से बचाया है। अक्सर लड़कियों को हनीमून के लिए जाने वाले जोड़े के रूप में ले जाया जाता है। तस्कर अपना रास्ता और तरीका बदलते रहते हैं। गरीब लड़कियों और महिलाओं को मानव तस्कर विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर फांस लेते हें, पर्यटन, नौकरी व शादी के फर्जी प्रस्तावों सहित मानव तस्करी के नौ तरीके सामने आए हैं। दुखद पहलू यह है कि तस्करों से बचाई गईं लडकियों से चला हे की, लड़कियां या युवतियां बेहतर जीवन की उम्मीद में सीमा पार जाने के लिए तस्करों के साथ सहयोग करती हैं। और यहाँ आकर फंस जाती हें । भारत में लाने के बाद इन्हें अवेध और गेर क़ानूनी कार्यो में खपाया जाता हें, या इन्हें जिस्मफरोशी के दलदल में धकेल दिया जाता हें। असम में इन्ही कारणों से अवेध बंगलादेशियो की संख्या बढती ही जा रही हें ।

मंगलवार, 11 सितंबर 2012

दुनिया के महान लोग जिन्होंने मानी भारत की आध्यात्म और दिमागी ताकत ......

 दुनिया के महान लोग जिन्होंने मानी भारत की आध्यात्म और दिमागी ताकत ......

1. अलबर्ट आइन्स्टीन (महान वैज्ञानिक )- हम भारत के बहुत ऋणी हैं, जिसने हमें गिनती सिखाई, जिसके बिना कोई भी सार्थक वैज्ञानिक खोज संभव नहीं हो पाती।
2. रोमां रोलां (फ्रांस) - मानव ने आदिकाल से जो सपने देखने शुरू किये, उनके साकार होने का इस धरती पर कोई स्थान है

, तो वो है भारत।
3. हू शिह (अमेरिका में चीन राजदूत)- सीमा पर एक भी सैनिक न भेजते हुए भारत ने बीस सदियों तक सांस्कृतिक धरातल पर चीन को जीता और उसे प्रभावित भी किया और चीन को दिया एक महान बोद्ध धर्म ।

4. मैक्स मुलर- यदि मुझसे कोई पूछे की किस आकाश के तले मानव मन अपने अनमोल उपहारों समेत पूर्णतया विकसित हुआ है, जहां जीवन की जटिल समस्याओं का गहन विश्लेषण हुआ और समाधान भी प्रस्तुत किया गया, जो उसके भी प्रसंशा का पात्र हुआ जिन्होंने प्लेटो और कांट का अध्ययन किया, तो मैं भारत का नाम लूँगा।
5. मार्क ट्वेन- मनुष्य के इतिहास में जो भी मूल्यवान और सृजनशील सामग्री है, उसका भंडार अकेले भारत में है।
6. आर्थर शोपेन्हावर - विश्व भर में ऐसा कोई अध्ययन नहीं है, जो उपनिषदों जितना उपकारी और उद्दत हो। यही मेरे जीवन को शांति देता रहा है,और वही मृत्यु में भी शांति देगा।
7. हेनरी डेविड थोरो - प्रातः काल मैं अपनी बुद्धिमत्ता को अपूर्व और ब्रह्माण्डव्य रूपी गीता के तत्वज्ञान से स्नान करता हूँ, जिसकी तुलना में हमारा आधुनिक विश्व और उसका साहित्य अत्यंत क्षुद्र और तुच्छ जन पड़ता है।
8. राल्फ वाल्डो इमर्सन - मैं भगवत गीता का अत्यंत ऋणी हूँ। यह पहला ग्रन्थ है जिसे पढ़कर मुझे लगा की किसी विराट शक्ति से हमारा संवाद हो रहा है।
9. विल्हन वोन हम्बोल्ट- गीता एक अत्यंत सुन्दर और संभवतः एकमात्र सच्चा दार्शनिक ग्रन्थ है, जो किसी अन्य भाषा में नहीं। वह एक ऐसी गहन और उन्नत वस्तु है जैस पर सारी दुनिया गर्व कर सकती है।
10. एनी बेसेंट -विश्व के विभिन्न धर्मों का लगभग ४० वर्ष अध्ययन करने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंची हूँ की हिंदुत्व जैसा परिपूर्ण, वैज्ञानिक, दार्शनिक और अध्यात्मिक धर्म और कोई नहीं। इसमें कोई भूल न करे की बिना हिंदुत्व के भारत का कोई भविष्य नहीं है। हिंदुत्व ऐसी भूमि है, जिसमे भारत की जड़े गहरे तक पहुंची है, उन्हें यदि उखाड़ा गया तो यह महावृक्ष निश्चय ही अपनी भूमि से उखड जायेगा। हिन्दू ही यदि हिंदुत्व की रक्षा नही करेंगे, तो कौन करेगा? अगर भारत के सपूत हिंदुत्व में विश्वास नहीं करेंगे तो कौन उनकी रक्षा करेगा? भारत ही भारत की रक्षा करेगा। भारत और हिंदुत्व एक ही है।

रविवार, 2 सितंबर 2012

दुनिया का एक मुस्लिम राष्ट्र जहाँ पर देश की राजनीती से खुशहाली तक सभी कार्य हिन्दू रीती से होते हें



बुधवार, 29 अगस्त 2012

कही आपका नहाने का साबुन कुत्तो या जानवरों को नहलाने का तो नही ? चेक करे.....

हमारे दैनिक उपयोग में आने वाला एक महत्वपूर्ण उत्पाद है साबुनI साबुन रासायनिक और आयुर्वेदिक/हर्बल दो प्रकार के होते हैंIसामन्यता हम टेलीविजन पर आने वाले विज्ञापनों को देख कर दैनिक उपयोग में आने वाले साबुन का चुनाव करते हैंI
आइये एक दृष्टि डाले साबुन के बनाने की प्रक्रिया और साबुन के महत्त्वपूर्ण घटकों पर I साबुन बनाने की प्रक्रिया में ३ महत्त्वपूर्ण घटक वसीय अम्ल ,कास्टिक सोडा और पानी होते हैंI

वसीय अम्ल या (FATTY ACID ) : वसीय अम्ल  का मुख्य स्रोत नारियल जैतून या ताड़ के पेड़ होते हैं, इसे जानवरों की चर्बी से भी निकाला जाता है,जिसे टालो(TALLOW ) कहते हैं जो की बूचड़खाने से मिलता हैIटालो से निकले जाना वसीय अम्ल अपेक्षाकृत सस्ता होता हैIइस वसीय अम्ल(FATTY ACID ) से सोडियम लौरेल सल्फेट(SLS ) का निर्माण होता है जो झाग बनाने में प्रयुक्त होता हैI
यदि आप शाकाहारी हैं तो अपने साबुन के रैपर पर ध्यान से देखें की कही छोटे अक्षरों में (TALLOW ) तो नहीं लिखा हैIसाबुन के वर्गीकरण से पहले हमे एक महत्त्वपूर्ण शब्द TFM  के बारे में जान ले जो सामन्यतया हर साबुन के पैकेट के पीछे लिखा मिल जायेगा.."TFM " का मतलब TOTAL FATTY MATRIAL होता है जो की साबुन का वर्गीकरण और गुणवत्ता का निर्धारण करता है.. जितना ज्यादा  TFM  का प्रतिशत होगा साबुन की गुणवत्ता उतनी ही अच्छी होगीI 
इस आधार पर हम सामान्यतया रासायनिक साबुन साबुन को ३ भागो में वर्गीकृत कर सकते हैं:कार्बोलिक साबुन, ट्वायलेट साबुन,और नहाने का साबुन या बाथिंग बारI

१ कार्बोलिक साबुन (CARBOLIC SOAP ) :GRADE 3 SOAP :  इस साबुन में TFM का प्रतिशत ५०% से ६०% तक होता है.और यह साबुन सबसे घटिया दर्जे का साबुन होता हैIइसमें फिनायल की कुछ मात्रा होती है जो सामन्यतया फर्श या जानवरों के शारीर में लगे कीड़े मारने के लिए प्रयुक्त किया जाता हैIयूरोपीय देशों में इसे एनिमल सोप या जानवरों के नहाने का साबुन भी कहते हैंIभारत में इस श्रेणी का साबुन लाइफबॉय हैI

२ ट्वायलेट साबुन :GRADE 2 SOAP : यह गुणवत्ता के आधार पर दूसरे दर्जे का साबुन होता हैIट्वायलेट सोप का उपयोग सामन्यतया शौच इत्यादि के बाद हाथ धोने के लिए होता हैIइसमें ६५  से ७८% TFM होता है.,इससे इस्तेमाल से त्वचा पर  होने वाली हानि कार्बोलिक साबुन की अपेक्षा  कम होती हैIभारत में इस श्रेणी का साबुन लक्स,लिरिल डिटोल और हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड के अन्य कई उत्पाद हैI

३ नहाने का साबुन या बाथिंग बार.: GRADE 1 SOAP : गुणवत्ता के आधार पर सर्वोत्तम साबुन है तथा इसका उपयोग स्नान के लिए किया जाता हैIइस साबुन में TFM की मात्रा ७६% से अधिक होती हैI
इस साबुन के रसायनों  से त्वचा पर होने वाली हानि न्यूनतम होती है. निरमा साबुन या कुछ कंपनिया ही कम मात्रा में ये उत्पाद बनाती हैI

साबुन में झाग के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायन सोडियम लारेल सल्फेट से त्वचा की कोशिकाएं शुष्क हो जाती हैं और कोशिकाओं के मृत होने की संभावना रहती है.यह आँखों के लए अत्यंत हानिकारक है नहाते समय साबुन यदि आँखों में चला जाये तो इसी रसायन के असर से हमे तीव्र जलन का अनुभव  होता है,त्वचा पर खुजली और दाद की संभावना होती है.


ये सारे प्रकार हुए रासायनिक साबुन के अतः कोई भी रासायनिक साबुन त्वचा के लिए लाभदायक नहीं है कम हानि के लिए साबुन के रैपर पर TFM की मात्रा ७६% से अधिक देखकर लेIये साबुन  नहाने का साबुन या बाथिंग बार की श्रेणी में आते हैं बाकी के सभी साबुन या तो जानवरों के नहालने के लिए प्रयोग होने वाले हैं या शौचालय से आने के बाद हाथ धोने के लिएI

हर्बल और आयुर्वेदिक साबुन: ये एक अन्य प्रकार साबुन है जो लगभग पूर्ण रूप से रसायनों से रहित(CHEMICAL FREE )  होता हैIइसको बनाने में मुख्य रूप से भारत में पैदा होने वाले तथा घरों में इस्तेमाल होने वाले सौन्दर्य प्रसाधन होते हैं जो की निम्नलिखित हैI

१ हल्दी : बैक्टीरिया से बचाव ,दाद पैदा करने वाले फफूंद (FUNGAL) से बचाव,त्वचा के दानो से बचाव I
२ नीम : बैक्टीरिया से बचाव ,दाद पैदा करने वाले फफूंद (FUNGAL ) से बचाव ,त्वचा के दानो से बचाव I
३ तुलसी : त्वचा एवं चेहरे में प्राकृतिक चमक लेन के लिए उपयोगीI
३ घृतकुमारी :इसे त्वचा पर लगाने पर त्वचा स्वस्थ रहती है व झुर्रियां नहीं पड़ती I
४ आंवला : अनेको औषधीय गुण.त्वचा को तैलीय बनाये रखता है I
५ गिलोय :त्वचा के विकारो को ख़त्म करता है I
६ चन्दन : moisturizer त्वचा की शुष्कता को ख़तम करता है और त्वचा नम रहती हैI  
७ नारियल का तेल- moisturizer त्वचा की शुष्कता को ख़तम करता है और त्वचा नम रहती है I 
८ बादाम: त्वचा को प्रोटीन देता है I
इन सब के अलावा कुछ एक और औषधियां उत्पादक की गुणवत्ता नीति के अनुसार मिलायी जाती हैIविको,कान्ति,ओजस आदि कई आयुर्वेदिक साबुन बाज़ार में उपलब्ध हैंI
हिन्दुस्थान में इन पदार्थों का उपयोग हजारो वर्षों से त्वचा और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए किया जा रहा हैIयूरोप और पश्चिमी देशों में जलवायु के कारण हल्दी,नीम,तुलसी,चन्दन,बादाम,नारियल की उपलब्धता नहीं के बराबर है इसलिए उन जगहों पर रासायनिक साबुन(CHEMICAL SOAP) का इस्तेमाल शुरू हुआIधीरे धीरे रासायनिक साबुन में भी अतिहनिकारक grade -२ और grade -३ के साबुन हमारे दैनिक जीवन में आ गए और हम हमेशा की तरह गुलाम मानसिकता को दिखाते हुए उनके यहाँ कुत्तों के नहलाने वाले साबुन से नहा कर गीत गाते हैं की "लाइफब्वाय है जहाँ तंदुरुस्ती है वहां"Iआज हम आजाद हैं ,मगर हमने खुद को शिक्षित कहने वाले लोगों ने खुद को आजादी के बाद भी यूरोपियन कुत्तों के के इस्तेमाल के लिए बने उत्पादों का खुद पर प्रयोग करके खुद को उन्नत मानते हैंIउपरोक्त वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर हर्बल और आयुर्वेदिक साबुन  इस्तेमाल करना शरीर और त्वचा के लिए हर प्रकार से लाभदायक और बिना किसीपार्श्व प्रभाव(SIDE EFFECT ) के हैIयदि इन वैज्ञानिक तथ्यों को जानने के बाद भी कोई रासायनिक साबुन का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए करना चाहता है की वो किसी सुन्दर अभिनेत्री के अर्धनग्न शरीर को टेलीविजन पर प्रसारित कर बेचा जा रहा है तो कृपया TFM का प्रतिशत रैपर के पीछे देखकर ये निश्चित कर ले की कही विज्ञापनों को देख कर आप कही ट्वायलेट में इस्तेमाल होने वाले साबुन से स्नान तो नहीं कर रहे??या आपका साबुन आप के नहाने के लिए है या कुत्तों के नहाने के लिए ???

 साभार आशुतोष की कलम से .....

नाचने-गाने पर 17 लोगों का सिर काटा डाला ..........


talibani farman: 17 beheaded for dancing and singing अफगानिस्तान के हेलमंद प्रात में तालिबान चरमपंथियों ने नृत्य व संगीत के कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे 15 पुरुषों और दो महिलाओं का सिर कलम कर दिया।
हेलमंद प्रात के शाह करेज इलाके में सिर कलम करने की ये घटना हुई, और मारे गए सभी 17 लोग आम नागरिक थे। तालिबान चरमपंथियों ने इस घटना को 26 और 27 अगस्त के बीच की रात को अंजाम दिया। पहले नागरिकों का सिर कलम किया गया या गोली मारी गई ये अभी स्पष्ट नहीं है।
 लोग एक उत्सव मनाने के लिए जमा हुए थे और संगीत की धुन पर नाच रहे थे, जबकि तालिबान इस समारोह को रोकना चाहते थे। उन्होंने कहा कि जहा इस घटना को अंजाम दिया गया वो पूरी तरह से तालिबान चरमपंथियों के नियंत्रण वाला इलाका है, इसलिए उसके बारे में और ज्यादा जानकारी नहीं है। तालिबान ने इस घटना पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

शनिवार, 18 अगस्त 2012

क्या कभी भारत के दोगले नेता और शासक इजरायल से प्रेरणा लेंगे ?.............

क्या कभी भारत के दोगले नेता और शासक इजरायल से प्रेरणा लेंगे ?
जब फिलिस्तीनी आतंकवादियो ने 1972 के म्यूनिख ओलंपिक गेम्स विलेज में घुसकर 12 इस्राइली खिलाडियों की हत्या कर दी थी । तब तत्कालीन इस्राइली प्रधानमंत्री श्रीमती गोल्डा मायर ने कोई भी बयान नहीं दिया ... उन्होंने सरे मृत खिलाडियो के घरवालो को खुद फोन करके कहा की हम बदला लेकर रहेंगे .. उन्होंने अपनी गुप्तचर एजेंसी मोसाद को पूरी छुट दे दी, और कहा इस घटना में जितने लोग भी शामिल है, वो चाहे दुनिया के किसी भी देश में हो उनको जिन्दा नहीं रहने देना है ..

मोसाद ने पता लगा लिया की इस हत्याकांड में 14 आतंकवादी शामिल थे ..

१ - एक आतंकवादी सलाह खलिफ जेदाह में अपने परिवार के साथ रहता था । मोसाद ने उसके घर में रखे टेबल जिस पर फ़ोन रखा था, ठीक वैसा ही टेबल रख दिया और टेबल के अन्दर बम फिट करके उसका कनेक्शन फोन से जोड़ दिया, फिर उसके फोन की घंटी बजी उसने जैसे ही फोन उठाया उसके चीथड़े उड़ गए ..

2 - एक आतंकवादी अबू दयुद बेरुत में छुपा था .. मोसाद ने उसकी पूरी दिनचर्या पर नज़र रखी । वो एक क्लब में रोज जाता था । इजराइल ने अपने खतरनाक कमांडो को बेरुत भेजा, जिसमे सिर्फ 3 लोग थे, एक कमांडो बेंजामिन नेतान्याहू [जो बाद में इसराइल के राष्ट्रपति बने ] एक ख़ूबसूरत लड़की का भेष रखकर उस क्लब में नाच रहे थे जैसे ही वो आतंकवादी उनके करीब नाचने के लिए आया, बेंजामिन ने अपनी फुल्ली औटोमटिक गन से गोलियों की बौछार कर दी 15 लोग मरे गए, और बेंजामिन और उनका साथी जो उनको कवर कर रहा था लेबनानी पुलिस के नकली गाड़ी में फरार हो गए।

3 - एक आतंकवादी अमिन अल हिंदी को मोसाद ने अम्मान में उसके बिल्डिंग के नीचे गोलियों से भुन दिया ..

4 - अब बाक़ी बचे आतंकवादियो ने डरकर आत्मसमर्पण करने का प्रस्ताव भेजा। लेकिन गोल्डा मायर ने कुछ नहीं बोला चौथे आतंकवादी अबू फयाज, जो छुप कर हेलसिंकी में रहता था, उसे कार से कुचल कर मार दिया गया ।
5 -पाचवे आतंकवादी अली हसन सलामेह जो पेरिस में छुपा था, वही उसको साइनाइड जहर देकर मार दिया गया ।
6 - महमूद हम्शारी को दमिस्क में गोली मारी गयी ।

इस तरह गोल्डा मायर ने एक एक को चुन चुन कर पूरी दुनिया में मारा ।

में सलाम करता हूँ, ऐसे देश के जज्बे को .. जहा के नागरिक हमेशा अपना सर उठा के चलते है.........
और साथ ही शर्म महसूस करता हूँ अपने देश के नेताओ पर, यहाँ के सिस्टम पर और साथ ही इन्हें बर्दाश्त करती और इन्हें कोई सबक नही सिखाने वाली आम जनता पर................