अब भी नही सुधरे तो बिलकुल ''साफ़'' कर देगा ये, मुल्ला-यम और अखिलेश हिन्दुओ को, आने वाले लोक-सभा चुनावों में सबक सिखाये इन मुल्लो को, एक ही विकल्प नरेन्द्र मोदी को या उसकी पार्टी को ही वोट करे। ............
मंगलवार, 11 सितंबर 2012
''ब्राह्मणों की कोई मदद ना करे'' उत्तर प्रदेश के मुल्ला-यम पुत्र का अखिलेश का आदेश ........
अब भी नही सुधरे तो बिलकुल ''साफ़'' कर देगा ये, मुल्ला-यम और अखिलेश हिन्दुओ को, आने वाले लोक-सभा चुनावों में सबक सिखाये इन मुल्लो को, एक ही विकल्प नरेन्द्र मोदी को या उसकी पार्टी को ही वोट करे। ............
दुनिया के महान लोग जिन्होंने मानी भारत की आध्यात्म और दिमागी ताकत ......
दुनिया के महान लोग जिन्होंने मानी भारत की आध्यात्म और दिमागी ताकत ......
1. अलबर्ट आइन्स्टीन (महान वैज्ञानिक )- हम भारत के बहुत ऋणी हैं, जिसने हमें गिनती सिखाई, जिसके बिना कोई भी सार्थक वैज्ञानिक खोज संभव नहीं हो पाती।2. रोमां रोलां (फ्रांस) - मानव ने आदिकाल से जो सपने देखने शुरू किये, उनके साकार होने का इस धरती पर कोई स्थान है
, तो वो है भारत।
3. हू शिह (अमेरिका में चीन राजदूत)- सीमा पर एक भी सैनिक न भेजते हुए भारत ने बीस सदियों तक सांस्कृतिक धरातल पर चीन को जीता और उसे प्रभावित भी किया और चीन को दिया एक महान बोद्ध धर्म ।
3. हू शिह (अमेरिका में चीन राजदूत)- सीमा पर एक भी सैनिक न भेजते हुए भारत ने बीस सदियों तक सांस्कृतिक धरातल पर चीन को जीता और उसे प्रभावित भी किया और चीन को दिया एक महान बोद्ध धर्म ।
4. मैक्स मुलर- यदि मुझसे कोई पूछे की किस आकाश के तले मानव मन अपने अनमोल उपहारों समेत पूर्णतया विकसित हुआ है, जहां जीवन की जटिल समस्याओं का गहन विश्लेषण हुआ और समाधान भी प्रस्तुत किया गया, जो उसके भी प्रसंशा का पात्र हुआ जिन्होंने प्लेटो और कांट का अध्ययन किया, तो मैं भारत का नाम लूँगा।
5. मार्क ट्वेन- मनुष्य के इतिहास में जो भी मूल्यवान और सृजनशील सामग्री है, उसका भंडार अकेले भारत में है।
6. आर्थर शोपेन्हावर - विश्व भर में ऐसा कोई अध्ययन नहीं है, जो उपनिषदों जितना उपकारी और उद्दत हो। यही मेरे जीवन को शांति देता रहा है,और वही मृत्यु में भी शांति देगा।
7. हेनरी डेविड थोरो - प्रातः काल मैं अपनी बुद्धिमत्ता को अपूर्व और ब्रह्माण्डव्य रूपी गीता के तत्वज्ञान से स्नान करता हूँ, जिसकी तुलना में हमारा आधुनिक विश्व और उसका साहित्य अत्यंत क्षुद्र और तुच्छ जन पड़ता है।
8. राल्फ वाल्डो इमर्सन - मैं भगवत गीता का अत्यंत ऋणी हूँ। यह पहला ग्रन्थ है जिसे पढ़कर मुझे लगा की किसी विराट शक्ति से हमारा संवाद हो रहा है।
9. विल्हन वोन हम्बोल्ट- गीता एक अत्यंत सुन्दर और संभवतः एकमात्र सच्चा दार्शनिक ग्रन्थ है, जो किसी अन्य भाषा में नहीं। वह एक ऐसी गहन और उन्नत वस्तु है जैस पर सारी दुनिया गर्व कर सकती है।
10. एनी बेसेंट -विश्व के विभिन्न धर्मों का लगभग ४० वर्ष अध्ययन करने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंची हूँ की हिंदुत्व जैसा परिपूर्ण, वैज्ञानिक, दार्शनिक और अध्यात्मिक धर्म और कोई नहीं। इसमें कोई भूल न करे की बिना हिंदुत्व के भारत का कोई भविष्य नहीं है। हिंदुत्व ऐसी भूमि है, जिसमे भारत की जड़े गहरे तक पहुंची है, उन्हें यदि उखाड़ा गया तो यह महावृक्ष निश्चय ही अपनी भूमि से उखड जायेगा। हिन्दू ही यदि हिंदुत्व की रक्षा नही करेंगे, तो कौन करेगा? अगर भारत के सपूत हिंदुत्व में विश्वास नहीं करेंगे तो कौन उनकी रक्षा करेगा? भारत ही भारत की रक्षा करेगा। भारत और हिंदुत्व एक ही है।
सोमवार, 10 सितंबर 2012
जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी दिल्ली में गो-मांस पार्टी की तेयारी .....
जेएनयू में 'द न्यू मटेरियलिस्ट' नामक एक संगठन गुपचुप तरीके से गोमांस पार्टी की तैयारी कर रहा है। छात्रसंघ चुनाव के दौरान उसने माहौल को गर्म करने के लिए शनिवार रात कई छात्र संगठनों की बैठक कर पार्टी आयोजन के लिए समिति का गठन किया है। पहले यह पार्टी 17 सितंबर को ईवीआर पेरियार के जन्म दिवस पर होनी थी, मगर अब यह छात्रसंघ चुनाव के चलते 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह के जन्म दिवस पर होगी। इसे लेकर कैंपस में पर्चे बांटे जा रहे हैं, जिसमें जन्माष्टमी को रसिया का जन्मदिन और होली पर भांग पीने का हवाला देते हुए गोमांस पार्टी आयोजित कर खाने की स्वतंत्रता की मांग की गई है। वामपंथी छात्र संगठनों ने यह तय किया है कि गोमांस को सार्वजनिक तौर पर ना पका कर अपनी-अपनी रसोइयों में पकाएंगे। इसके बाद पार्टी में उसका सेवन किया जाएगा। दक्षिणी जिला की पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा का कहना है कि पुलिस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।
जेएनयू के कुलपति प्रो. एसके सोपोरी ने कहा है कि छात्रों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। लेकिन ऐसा आयोजन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। दिल्ली में गोमांस प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर छात्रों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विश्व हिंदू परिषद दिल्ली के महामंत्री सत्येंद्र मोहन ने इस मुद्दे पर पार्टी मनाने वालों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि गोमांस पार्टी करने वाले को देश में नहीं रहने दिया जाएगा। गौ माता का मांस खाने वाले इस आयोजन से पहले अपने मांस की चिंता कर लें। अगर ऐसा हुआ तो उसके गंभीर नतीजे होंगे।
वहीं, जेएनयू छात्रा और एबीवीपी की प्रदेश उपाध्यक्ष गायत्री दीक्षित ने इस मसले पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि मैने कुलपति को शिकायत कर अपना विरोध जताया है। अगर जेएनयू में ऐसा हुआ तो यहां की शांति भंग हो जाएगी।
आगे से जब आप वन्दे मातरम् गाये, तो इसकी हकीकत जान ले, की जवाहर नेहरु की मुस्लिम तुष्टिकरण का केसे शिकार हुआ...
मेरा आप लोगो से निवेदन है कि जब भी आप वन्दे मातरम गाये तो पूरा गाये न कि सिर्फ २ पद....
वन्दे मातरम्।
सुजलां सुफलां मलय़जशीतलाम्,
शस्यश्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम् ।।१।।
शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीं सुमधुरभाषिणीम्,
सुखदां वरदां मातरम् । वन्दे मातरम् ।।२।।
कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले,
कोटि-कोटि भुजैर्धृत खरकरवाले,
के बॉले माँ तुमि अबले,
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीम्,
रिपुदलवारिणीं मातरम्। वन्दे मातरम् ।।३।।
तुमि विद्या तुमि धर्म,
तुमि हृदि तुमि मर्म,
त्वं हि प्राणाः शरीरे,
बाहुते तुमि माँ शक्ति,
हृदय़े तुमि माँ भक्ति,
तोमारेई प्रतिमा गड़ि मन्दिरे-मन्दिरे। वन्दे मातरम् ।।४।।
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्,
नमामि कमलां अमलां अतुलाम्,
सुजलां सुफलां मातरम्। वन्दे मातरम् ।।५।।
श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम्,
धरणीं भरणीं मातरम्। वन्दे मातरम् ।।६।।
जय हिंद .... वन्दे मातरम .... अब कांग्रेस को देश से निकाल कर ही लेंगे दम .......
देश का एकमात्र प्रधानमंत्री जो अमेरिका के सामने नही झुका, और दुश्मन ''पाक'' के लाहोर तक जा घुसा, बदले में कांग्रेस ने दिया उसे जहर.....
लाल बहादुर शास्त्री जी के शासन में आज ही के दिन तिरंगा फहराया था, भारतीय रण बांकुरों ने लाहोर में ..
जानिए शास्त्री जी के बारे में कुछ अनमोल पहलू उनके जीवन के। माँ भारती के लाल स्वर्गीये 'श्री लाल बहादुर शास्त्री जी' के बारे मे कुछ तथ्य -
1.शास्त्री जी जातिवाद के खिलाफ थे इसलिए उन्होने उनके नाम के आगे श्रीवास्तव लिखना बंद कर दिया था ।
और हम आज भी जातिवाद ( आरक्षण ) की लड़ाई लड़ रहे हें कांग्रेस की बातो में आकर ..
2.जब 1965 मे पाकिस्तान से युद्ध हुआ था, तो शास्त्री जी ने भारतीय सेना का मनोबल इतना बड़ा दिया था, की भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना को गाजर मूली की तरह काटती चली गयी थी, और पाकिस्तान का बहुत बड़ा
हिस्सा जीत लिया था ।
3.जब भारत पाकिस्तान का युद्ध चल रहा था, तो अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाने के लिए कहा था की भारत युद्ध खत्म कर दे, नहीं तो अमेरिका भारत को खाने के लिए गेहू देना बंद कर देगा। तो इसके जवाब मे शास्त्री जी ने कहा की हम स्वाभिमान से भूखे रहना पसंद करेंगे, किसी के सामने भीख मांगने की जगह । और शास्त्री जी देशवासियों से निवेदन किया की जब तक अनाज की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक सब लोग सोमवार का व्रत रखना चालू कर दे और खाना कम खाया करे ।
4.जब शास्त्री जी ताशकंद समझोते के लिए जा रहे थे, तो उनकी पत्नी के कहा की अब तो इस पुरानी फटी धोती की जगह नई धोती खरीद लीजिये। तो शास्त्री जी ने कहा इस देश मे अभी भी ऐसे बहुत से किसान है जो फटी हुई धोती पहनते है, इसलिए मै अच्छे कपडे कैसे पहन सकता हु, क्योकि मै उन गरीबो का ही नेता हूँ ,अमीरों का नहीं, और शास्त्री जी उनकी फटी पुरानी धोती को अपने हाथ से सिलकर ताशकंद समझोते के लिए गए ।
5. जब पाकिस्तान से युद्ध चल रहा था, तो शास्त्री जी ने देशवासियों से कहा की युद्ध मे बहुत रूपये खर्च हो सकते है, इसलिए सभी लोग अपने फालतू के खर्च कम कर दे, और जितना हो सके सेना को धन राशि देकर सहयोग करें । और खर्च कम करने वाली बात शास्त्री जी ने उनके खुद के दैनिक जीवन मे भी उतारी । उन्होने उनके घर के सारे काम करने वाले नौकरो को हटा दिया था और वो खुद ही उनके कपड़े धोते थे, और खुद ही उनके घर की
साफ सफाई और झाड़ू पोंछा करते थे । और आपके नेहरु जी अपने कपडे धुलवाने लन्दन भेजा करते थे,
6. शास्त्री जी दिखने मे जरूर छोटे थे पर वो सच मे बहुत बहादुर और स्वाभिमानी थे।
7. जब शास्त्री जी की मृत्यु हुई तो कुछ नीच कांग्रेसियों ने उन पर इल्ज़ाम लगाया की शास्त्री जी भ्रस्टाचारी थे,पर जांच होने के बाद पता चला की शास्त्री जी के बैंक के खाते मे मात्र 365/- रूपये थे । इससे पता चलता है
की शास्त्री जी कितने ईमानदार थे ।
8. शास्त्री जी अभी तक के एक मात्र ऐसे प्रधान मंत्री रहे हैं जिन्होंने देश के बजट मे से 25 प्रतिशत सेना के ऊपर खर्च करने का फैसला लिया था । और बाद की सरकारों ने रक्षा बजट घटा के 25 % से 9 % कर दिया हे ,शास्त्री जी हमेशा कहते थे की देश का जवान और देश का किसान देश के सबसे महत्वपूर्ण इंसान हैं, इसलिए इन्हे कोई भी तकलीफ नहीं होना चाहिए तभी शास्त्री जी ने 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया, और आज देश के जवान और किसान इस कांग्रेस के राज में रोज आत्महत्या कर रहे हें ।
9.जब शास्त्री जी ताशकंद गए थे, तो उन्हे जहर देकर मार दिया गया था और देश मे झूठी खबर फैला दी गयी थी की शास्त्री जी की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई । और खुद कांग्रेस सरकार ने इस बात पर आज तक पर्दा डाल रखा है । न जाने कितने देशभक्तों की मौत की जिम्मेदार इस सरकार को अब भी आप वापस वोट देकर फिर किसी देशभक्त को मरवाने का मोका देंगे ?
धन्य हैं हम और धन्य हें देश का हिन्दू की हमारी भूमि पर ऐसे स्वाभिमानी और देश भक्त इंसान ने
जन्म लिया । यह बहुत गौरव की बात है की हमे शास्त्री जी जैसे प्रधान मंत्री मिले ।
जानिए शास्त्री जी के बारे में कुछ अनमोल पहलू उनके जीवन के। माँ भारती के लाल स्वर्गीये 'श्री लाल बहादुर शास्त्री जी' के बारे मे कुछ तथ्य -
1.शास्त्री जी जातिवाद के खिलाफ थे इसलिए उन्होने उनके नाम के आगे श्रीवास्तव लिखना बंद कर दिया था ।
और हम आज भी जातिवाद ( आरक्षण ) की लड़ाई लड़ रहे हें कांग्रेस की बातो में आकर ..
2.जब 1965 मे पाकिस्तान से युद्ध हुआ था, तो शास्त्री जी ने भारतीय सेना का मनोबल इतना बड़ा दिया था, की भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना को गाजर मूली की तरह काटती चली गयी थी, और पाकिस्तान का बहुत बड़ा
हिस्सा जीत लिया था ।
3.जब भारत पाकिस्तान का युद्ध चल रहा था, तो अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाने के लिए कहा था की भारत युद्ध खत्म कर दे, नहीं तो अमेरिका भारत को खाने के लिए गेहू देना बंद कर देगा। तो इसके जवाब मे शास्त्री जी ने कहा की हम स्वाभिमान से भूखे रहना पसंद करेंगे, किसी के सामने भीख मांगने की जगह । और शास्त्री जी देशवासियों से निवेदन किया की जब तक अनाज की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक सब लोग सोमवार का व्रत रखना चालू कर दे और खाना कम खाया करे ।
4.जब शास्त्री जी ताशकंद समझोते के लिए जा रहे थे, तो उनकी पत्नी के कहा की अब तो इस पुरानी फटी धोती की जगह नई धोती खरीद लीजिये। तो शास्त्री जी ने कहा इस देश मे अभी भी ऐसे बहुत से किसान है जो फटी हुई धोती पहनते है, इसलिए मै अच्छे कपडे कैसे पहन सकता हु, क्योकि मै उन गरीबो का ही नेता हूँ ,अमीरों का नहीं, और शास्त्री जी उनकी फटी पुरानी धोती को अपने हाथ से सिलकर ताशकंद समझोते के लिए गए ।
5. जब पाकिस्तान से युद्ध चल रहा था, तो शास्त्री जी ने देशवासियों से कहा की युद्ध मे बहुत रूपये खर्च हो सकते है, इसलिए सभी लोग अपने फालतू के खर्च कम कर दे, और जितना हो सके सेना को धन राशि देकर सहयोग करें । और खर्च कम करने वाली बात शास्त्री जी ने उनके खुद के दैनिक जीवन मे भी उतारी । उन्होने उनके घर के सारे काम करने वाले नौकरो को हटा दिया था और वो खुद ही उनके कपड़े धोते थे, और खुद ही उनके घर की
साफ सफाई और झाड़ू पोंछा करते थे । और आपके नेहरु जी अपने कपडे धुलवाने लन्दन भेजा करते थे,
6. शास्त्री जी दिखने मे जरूर छोटे थे पर वो सच मे बहुत बहादुर और स्वाभिमानी थे।
7. जब शास्त्री जी की मृत्यु हुई तो कुछ नीच कांग्रेसियों ने उन पर इल्ज़ाम लगाया की शास्त्री जी भ्रस्टाचारी थे,पर जांच होने के बाद पता चला की शास्त्री जी के बैंक के खाते मे मात्र 365/- रूपये थे । इससे पता चलता है
की शास्त्री जी कितने ईमानदार थे ।
8. शास्त्री जी अभी तक के एक मात्र ऐसे प्रधान मंत्री रहे हैं जिन्होंने देश के बजट मे से 25 प्रतिशत सेना के ऊपर खर्च करने का फैसला लिया था । और बाद की सरकारों ने रक्षा बजट घटा के 25 % से 9 % कर दिया हे ,शास्त्री जी हमेशा कहते थे की देश का जवान और देश का किसान देश के सबसे महत्वपूर्ण इंसान हैं, इसलिए इन्हे कोई भी तकलीफ नहीं होना चाहिए तभी शास्त्री जी ने 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया, और आज देश के जवान और किसान इस कांग्रेस के राज में रोज आत्महत्या कर रहे हें ।
9.जब शास्त्री जी ताशकंद गए थे, तो उन्हे जहर देकर मार दिया गया था और देश मे झूठी खबर फैला दी गयी थी की शास्त्री जी की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई । और खुद कांग्रेस सरकार ने इस बात पर आज तक पर्दा डाल रखा है । न जाने कितने देशभक्तों की मौत की जिम्मेदार इस सरकार को अब भी आप वापस वोट देकर फिर किसी देशभक्त को मरवाने का मोका देंगे ?
धन्य हैं हम और धन्य हें देश का हिन्दू की हमारी भूमि पर ऐसे स्वाभिमानी और देश भक्त इंसान ने
जन्म लिया । यह बहुत गौरव की बात है की हमे शास्त्री जी जैसे प्रधान मंत्री मिले ।
जय जवान जय किसान !
शनिवार, 8 सितंबर 2012
महिला सिपाही की पिटाई के मामले में टाइटलर पर केस, पूर्व में 1984 सिक्ख दंगो के आरोपी .......
(जगदीश टाइटलर वेसे इस काम में माहिर हें, 1984 के सिख दंगो में भी इन पर सिक्खों को मारने के लिए लोगो को भड़काने के आरोप लगे थे, और खुद कई सिक्खों की हत्याए भी की थी इन्होने, उस मामले से अभी कुछ महीने पहले ही सोनिया गाँधी की क्रपा से बरी हुए हें,) इस बीच, टाइटलर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। उपद्रव में संलिप्त 34 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महिला कास्टेबल की पिटाई व बदसलूकी की जाच राज्य महिला आयोग ने शुरू कर दी है। ओडिशा पुलिस संघ ने पुलिसकर्मियों की पिटाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माग की है।
शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती महिला कास्टेबल ने बताया कि उस पर 30-40 लोगों ने हमला किया था। दंगाई जगदीश टाइटलर विधानसभा के पास पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग को तोड़ने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को भड़का रहे थे। इसका बचाव करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रसाद हरिचंदन ने कहा कि टाइटलर ने हिंसा नहीं भड़काई। साथ ही, महिला कास्टेबल के साथ हुए बदसलूकी पर पार्टी की तरफ से माफी मागी।
पुलिस ने बताया उपद्रव में शामिल 34 लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी सीसीटीवी से मिले फुटेज के आधार पर की गई। अन्य उपद्रवियों की तलाश की जा रही है। ओडिशा पुलिस संघ के अध्यक्ष सवरमाल शर्मा ने घटना की भर्त्सना करते हुए सरकार को चेतावनी दी। कहा मामले की न्यायिक जाच व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। ऐसा न होने पर संघ विरोध-प्रदर्शन करेगा। आरोप लगाया कि प्रदर्शन के नाम पर आपराधिक कृत्य किया गया। अस्पताल में भर्ती महिला कास्टेबल से शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ज्योति पाणिग्रही ने मुलाकात की। बताया कि मामले में आयोग ने जाच शुरू कर दी है। इससे पूर्व शुक्रवार को विधानसभा में काग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया। सदन को चलने नहीं दिया।
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