Click here for Myspace Layouts

शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

गुजरात में चुनाव प्रचार से पीछे हटी कांग्रेस, कहा राहुल नही जायेंगे गुजरात प्रचार करने .....

Modi challenges 'scared' Rahul to come and campaign in Gujaratगुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने काग्रेस महासचिव राहुल गांधी को प्रदेश में प्रचार की चुनौती दी है। पर कांग्रेस का कहना हें की राहुल गुजरात में प्रचार कार्यक्रम में हिस्सा नही लेंगे। शायद यु.पी. चुनाव से कुछ सबक मिला हें ।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि काग्रेस यह कह रहीहै, कि राहुल गुजरात में प्रचार नहीं करेंगे। क्यों? मैं और गुजरात की जनता इसका कारण जानना चाहती है। क्या राहुल यह सोचते हैं कि गुजरात बहुत बुरा है, इसलिए वह प्रचार नहीं करेंगे? या फिर उन्हें पता हें, की गुजरात में राहुल हो चाहे सोनिया इनकी दाल नही गलेगी, चाहे कितना भी प्रचार कर ले ।
वलसाड के मोटा पोंधा गाव में एक रैली में मोदी ने यह बात कही। मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह किसी से भी मुकाबले के लिए तैयार हैं। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने भी कहा कि राहुल गाधी गुजरात कैसे आ सकते हैं ? क्योंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में काग्रेस की हार के बाद उन्हें हकीकत पता चल गई है ।

देश को बर्बाद करने में लगे बंगलादेशी घुसपेठीये ...........

मानव तस्करी में और अवेध घुसपेठ कराने में लिप्त बांग्लादेश ने अपने देश की युवतियों को भारत भेजने का नायाब तरीका ढूंढ निकाला है।आजकल युवती के साथ एक दलाल होता है। दोनों वैध तरीके से भारत में प्रवेश के लिए बताते हैं कि वे हनीमून के लिए भारत जा रहे हैं।
गत तीन महीने में भारत और बांग्लादेश की सीमा पर करीब 70 महिलाओं और बच्चों को मानव तस्करों से बचाया है। अक्सर लड़कियों को हनीमून के लिए जाने वाले जोड़े के रूप में ले जाया जाता है। तस्कर अपना रास्ता और तरीका बदलते रहते हैं। गरीब लड़कियों और महिलाओं को मानव तस्कर विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर फांस लेते हें, पर्यटन, नौकरी व शादी के फर्जी प्रस्तावों सहित मानव तस्करी के नौ तरीके सामने आए हैं। दुखद पहलू यह है कि तस्करों से बचाई गईं लडकियों से चला हे की, लड़कियां या युवतियां बेहतर जीवन की उम्मीद में सीमा पार जाने के लिए तस्करों के साथ सहयोग करती हैं। और यहाँ आकर फंस जाती हें । भारत में लाने के बाद इन्हें अवेध और गेर क़ानूनी कार्यो में खपाया जाता हें, या इन्हें जिस्मफरोशी के दलदल में धकेल दिया जाता हें। असम में इन्ही कारणों से अवेध बंगलादेशियो की संख्या बढती ही जा रही हें ।

मानव को सभी इच्छित फल प्रदान करने वाले प्रमुख अवतार .......

शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव के दस प्रमुख अवतार ।
यह दस अवतार इस प्रकार है, जो मानव को सभी इच्छित फल प्रदान करने वाले हैं-
 
1. महाकाल- शिव के दस प्रमुख अवतारों में पहला अवतार महाकाल नाम से विख्यात हैं। भगवान शिव का महाकाल स्वरुप अपने भक्तों को भोग और मोक्ष प्रदान करने वाला परम कल्याणी हैं। इस अवतार की शक्ति मां महाकाली मानी जाती हैं।
2. तार- भगवान शिव का तार स्वरुप अपने भक्तों को भुक्ति-मुक्ति, दोनों फल प्रदान करने वाला हैं। इस अवतार की शक्ति तारादेवी मानी जाती हैं।
3. बाल भुवनेश- भगवान शिव का बाल भुवनेश स्वरुप अपने भक्तों को सुख, समृद्धि और शांति प्रदान करने वाला हैं। इस अवतार की शक्ति को बाला भुवनेशी माना जाता हैं।
4.षोडश श्रीविद्येश- भगवान शिव का षोडश श्रीविद्येश स्वरुप अपने भक्तों को सुख, भोग और मोक्ष प्रदान करने वाला हैं। इस अवतार की शक्ति को देवी षोडशी श्रीविद्या माना जाता हैं।
5. भैरव- भगवान शिव का भैरव स्वरुप अपने भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करने वाला हैं। इस अवतार की शक्ति भैरवी गिरिजा मानी जाती हैं।
6. छिन्नमस्तक- भगवान शिव का छिन्नमस्तक स्वरुप अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला हैं। इस अवतार की शक्ति देवी छिन्नमस्ता मानी जाती हैं।
7. धूमवान- भगवान शिव का धूमवान स्वरुप अपने भक्तों की सभी प्रकार से श्रेष्ठ फल देने वाला हैं। इस अवतार की शक्ति को देवी धूमावती माना जाता हैं।
8. बगलामुख-  भगवान शिव का बगलामुख स्वरुप अपने भक्तों को परम आनंद प्रदान करने वाला हैं। इस अवतार की शक्ति को देवी बगलामुखी माना जाता हैं।
9. मातंग-  भगवान शिव का मातंग स्वरुप अपने भक्तों की समस्त अभिलाषाओं को पूर्ण करने वाला हैं। इस अवतार की शक्ति को देवी मातंगी माना जाता हैं।
10. कमल-  भगवान शिव का कमल स्वरुप अपने भक्तों को भुक्ति और मुक्ति प्रदान करने वाला हैं। इस अवतार की शक्ति को देवी कमला माना जाता हैं।
विद्वानो के मत से उक्त शिव के सभी प्रमुख अवतार व्यक्ति को सुख, समृद्धि, भोग, मोक्ष प्रदान करने वाले एवं व्यक्ति की रक्षा करने वाले हैं।

गुरुवार, 13 सितंबर 2012

2 लाख करोड का स्क्रेप बेच खाया, और किसी को कानो-कान खबर नहीं.............


2 लाख करोड का स्क्रेप मैंने बेच खाया, और किसी को कानो-कान खबर भी नहीं हुयी आज तक -

बात हें लालू प्रसाद यादव के बारे में जो न मीडिया ने बताई, और न आप लोगो ने कही और सुनी होगी.....
संसद में उछल-उछल कर बोलने वाले लालू प्रसाद यादव ने कोंग्रेसनित सरकार में रेल मंत्री रहते हुए २ लाख करोड का रेलवे विभाग का लोहा बेच खाया, जिसका जिक्र रेलवे में और रेलवे से जुड़े कारखानों में जो लोग काम करते है, उनके मुहं से सुना जा सकता हें | आज अगर लालू यादव कि ये असलियत सामने आ जाये तो कांग्रेस के घोटालो की लिस्ट में एक और घोटाले का नाम जुड़ जाएगा ''रेलवे घोटाला'' | हम सोचते है है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते, रेलवे का बजट अच्छा था, लेकिन  जरा आप ही सोचिये,
2 लाख करोड का कबाड़ जो रेलवे के कब्जे में कई सालो से पड़ा था, उसे बेच कर अगर 10 हज़ार करोड का
फायदा दिखा भी दिया, तो बाकि के 1 लाख 90 हज़ार करोड कहा गए ? क्या उसे भी लालू जी गायो और भेंसो के चारे की तरह खा गये, 2 जी स्पेक्ट्रम और कोयला घोटाले से भी बड़ा हें। ये घोटाला
क्यों किसी को नजर नही आया ? 2  लाख करोड़ में तो कई रेल परियोजनाए चालू की जा सकती थी, न तो किसी ने इनसे जवाब माँगा न किसी ने दिया.......... 

अब कृषि-मंत्री शरद पवार बेचेंगे देश के बीजो का जीन, दुनिया का सबसे बड़ा कृषि बीज जीन बेंक भारत का, बर्बादी की राह पर भारत ........

भारत का ''बीज'' जीन बैंक दुनिया के सबसे बड़े जीन बैंकों में से एक है. जिसे कांग्रेस के कृषि मंत्री शरद पवार विदेशी कंपनियों को लुटाने की तेयारी कर रहे हें । देश में कुछ भी नही छोड़ेंगे ये सोनिया के पालतू, हर भारतीय माल, चाहे वो कोयला हो चाहे थोरियम हो चाहे भारतीय पुरा- महत्तव की चीजे सब विदेशियों को बेचने में लगे हें, लेकिन आप फ़िक्र मत कीजिये जब फिर से कोई इस्ट-इण्डिया कम्पनी की तरह और कोई कम्पनी देश को गुलाम बना लेगी, तब सोचना आप की अब इनसे आजादी केसे पाई जाये, और इस बार किसी चन्द्र शेखर या भगत सिंह का इन्तजार मत करना इस बार तो वो भी नही आयेंगे,
वेसे
बीजों का महत्व क्या होता है, इसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रूस में घटी एक घटना से समझा जा सकता है| रूसी सैनिकों के पास बीजों का एक भंडार था, लेकिन उन्होंने भूखों मरना स्वीकार किया, बजाय उन बीजों को खाकर अपनी जान बचाने के, ऐसा नहीं है कि देश के भीतर अनुसंधान केंद्र नहीं हैं या नए किस्म के बीजों की खोज नहीं हो रही है. जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएम) बीजों के दौर में सरकार ने करोड़ों रुपये अनुसंधान के लिए खर्च किए, फिर भी देश में किसानों और कृषि की हालत सुधरने के बजाय बिगड़ती क्यों जा रही है?
आखिर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद जैसी संस्थाओं और देश के कृषि मंत्रालय का इस सबमें रोल क्या है? जिन देशी फसलों के जेनेटिकली मॉडिफाइड बीज तैयार करने का दावा किया जाता है, वे कहां हैं?
जब आईसीएआर ने विभिन्न जगहों पर विकसित किए जा रहे जेनेटिकली मॉडिफाइड बीजों के लिए फील्ड डे ऑर्गेनाइज किए थे, तब उस दौरान बीज एवं कृषि से जुड़ी प्राइवेट एंग्रीकल्चर कंपनियों को बुलाया गया था. वहां कोई सुरक्षा नहीं थी. इस दौरान कितना जेनेटिक मैटेरियल ले जाया गया या चोरी किया गया, इस बात की कोई गारंटी नहीं है. 

सवाल है कि इस देश के कृषि मंत्री कृषि मंत्री है, या क्रिकेट मंत्री जो किसानों की खड़ी फसल में क्रिकेट खेलते हैं? आखिर इस संगीन मामले की जांच क्यों नहीं कराई जा रही है?
आईसीएआर ने विदेशी बीज कंपनियों के हाथों देश का उन्नत देशी सीड जीन बैंक भी गिरवी रखने की तैयारी कर ली है. एक रिपोर्ट के मुताबिक़, आईसीएआर ने बहुराष्ट्रीय बीज कंपनियों से हाथ मिलाने का फैसला कर लिया है. इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि इन कंपनियों की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर भारत लंबे समय तक चलने और ज़्यादा उपज देने वाले बीजों का विकास कर सकता है|

आईसीएआर के उप महानिदेशक डॉ. एस के दत्ता ने इन कंपनियों से एक्स्पर्टीज (विशेषज्ञता) के बदले अपने सीड जीन बैंक का दरवाज़ा खोलने की बात कही है. एक अनुमान के मुताबिक़, आईसीएआर क़रीब 4 लाख से भी ज़्यादा देशी बीजों के संवर्धित जीन (जर्म प्लाज्म) इन कंपनियों को दे सकती है.
किसी प्रोजेक्ट के मुखिया के चुनाव के लिए क्या मापदंड होने चाहिए? अहम फसलों के बीजों के जीन संवर्धन के लिए केंद्र सरकार के करोड़ों के प्रोजेक्ट के मुखिया डॉ. के सी बंसल ने पहले तो उन बीजों को कहीं जमा ही नहीं कराया, जिनके विकास का वह दावा कर रहे थे. फिर उन्होंने एक प्रतिष्ठित अवॉर्ड (आईसीएआर की ओर से दिया जाने वाला ऱफी अहमद किदवई अवॉर्ड) पाने के लिए जिस प्रजाति के पेटेंट का दावा किया था, उस पर भी कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं. 21 जुलाई, 2011 को राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र
(एनआरसीपीबी) के परियोजना निदेशक डॉ. पी आनंद कुमार ने आईसीएआर के उप महानिदेशक को लिखे अपने पत्र में बताया है कि, डॉ. के सी बंसल के जिस प्रजाति के बैंगन के पेटेंट का ज़िक्र ऱफी अहमद किदवई अवॉर्ड के साइटेशन में किया गया है, असल में उसके पेटेंट के लिए बंसल ने आधिकरिक रूप से कोई अनुमति ही नहीं ली थी|  ये कांग्रेस के पालतू कृषि मंत्री शरद पवार की साजिश हें , एक और नये घोटाले की रूप रेखा तेयार की जा रही हें । 

बुधवार, 12 सितंबर 2012

मोदी-गाथा की गाथा की झलकिया, तस्वीर विकसित गुजरात की जिसे शायद देश के दुसरे लोग नही देख पाते हे ......

 ये नजारा किसी विदेशी लोकेशन का नही हें, ये हें हमारे नरेन्द्र मोदी के गुजरात का 
साबरमती नदी के उपर खड़े एक पुल का नजारा, ये तो सिर्फ एक हिस्सा है, गुजरात गोरव नरेन्द्र मोदी के सपने ''समान रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट'' का ।
जो साबरमती आज से दस साल पहले अपनी दोनों और की गन्दगी और झोपड़-पट्टी के कारण बदनाम थी और गंदे नाले में तब्दील होने जा रही थी दिल्ली की यमुना नदी की तरह, उसी साबरमती नदी को आज मोदी ने नदियों की रानी जैसा रूप दे दिया सिर्फ दस साल में इसे कहते है विकास। 

दस साल पहले सड़क दुर्घटना में मरने वालो की जो तादाद थी, उस में भारी गिरावट आयी है आज मोदी  की 108 इमर्जन्सी की वजह से, 

आज तक १००००० से भी ज्यादा लोगो की जाने बची है, और दूर दराज के गाँव में वक़्त पर 108 पहुँचने की वजह से 1500000 औरतो की सलामत प्रसूति हुई है,और माँ-शिशु म्रत्यु दर भारी कमी आई हें, इसे कहते है विकास.

कांग्रेसियों की चोर नीतियों के कारण पुरे देश में एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट मात्र 3.3% है ,,,वही गुजरात का ग्रोथ रेट 10.8 % है आज,

आज से दस साल पहले गुजरात के किसानो की कुल आय 15000  करोड़ थी वो 700% बढ़कर 96000  जी हां छियानवे हज़ार करोड़ हो चुकी है आज, खेती लायक ज़मीन जो 106 लाख हेक्टर थी, वो भी बढ़ कर 145 लाख हेक्टर हो गयी है।

दिल्ली  के सांसदों के घर में भी आज इनवर्टर या जरनेटर से काम चलाना पड़ता है,,,,और गुजरात के गाँव भी २४ घंटा बिजली से रोशन रहते हें, बिजली बंद होना गुजराती  के लिए आश्चर्य के साथ एडवेन्चर की तरह हें और इतनी सप्लाई के बाद भी सर प्लस बिजली है गुजरात के पास, 
किसी कांग्रेसी दुखियारे राज्य (राजस्थान , महा-राष्ट्र को मदद करने के लिए।

अब आप ही सोच लो की  हिंदुस्तान को भी ऐसा विकसित करना है, या करना है हवाले बंगलादेशी घुस-पेठियो के ताकि मोका मिलते ही आप की माँ बहनों , बीवी बेटियों का 20-30 मुल्ले आराम से बलात्कार करेंगे,देखे -  http://hinduttav.blogspot.in/2012/08/blog-post_11.html
मोदी लाओ देश बचाओ ।

मुझे पता है पता है....इटालियन भक्तो को इनके मंद मोहन के वायदों की तरह मेरे येह आंकड़े झूठे लगेंगे ,,,उनके लिए येह लिंक दे रहा हु, मगर इटालियन चस्मा उतार कर पढ़ना तो मजा आएगा ,

http://www.narendramodi.in/gujarats-agricultural-miracle/