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गुरुवार, 30 अगस्त 2012

भारत को लुटने वाले लुटेरो की लिस्ट देखे......

Photo: मित्रों शेयर करने के साथ पेज को LIKE भी करें यहाँ ---> Hindu [Lions] with Sikh [Tigers]

गजनवी ने 20 वर्षो में 10 लाख करोड़ लूटा था -भारतीय लोगो को पता था की गजनवी लूटेरा है और उसके खिलाफ जबरदस्त संगर्ष किया था और लाखो लोगो ने अपनी जान गंवाई थी
मुगलों ने 350 साल में 400 लाख करोड़ लूटा था -कुछ ही समय में भारतीयों के निवासियों को इनके बारे में पता चला गया था की ये आक्रमणकारियों के भेष में लूटरे हैं और उनके विरुद्ध अनेको युद्ध लड़े.लेकिन युधों में नियमो के पक्के भारतियों को पहली बार चालबाज मुगलों से सामना हुआ और भारतीय युद्ध हारते चले गए.

अंग्रेजो ने 250 सालो में 350 लाक करोड़ लूटा था -पहली बार ऐसा हुआ की भारतीय लूटेरो को पहचान नहीं पाए क्योंकी अंग्रेज व्यापरी बनकर भारत में घुसे थे .जब इन धूर्तो को पहचाना तबतक सनातनी इज्जत और पैसा दोनों ही अंग्रेजो के हाथो गँवा बेठे थे.

काले अंग्रेजो ने महज 64 वर्षो में 450 लाख करोड़ लूट लिए -गजनवी ,मुग़ल आक्रमणकारियों के भेष में लूटरे थे,अंग्रेज व्यापारियों के भेष में लूटरे थे ,और ये काले अंग्रेज मेमने की खाल में भेडिये हैं ये देश को खुद तोलूट ही रहे हैं बल्की दुसरे देशो कोभारत को लूटने के लिए बेच रहे हैं
साभार - Bhartiya Sanskriti hi sarvshreshth Hai (भारतीय संस्कृति ही सर्वश्रेष्ठ है)
गजनवी ने 20 वर्षो में 10 लाख करोड़ लूटा था इस देश से -
भारतीय लोगो को पता था की गजनवी लूटेरा है। और उसके खिलाफ जबरदस्त संघर्ष किया था। और लाखो लोगो ने अपनी जान गंवा
ई थी।
मुगलों ने 350 साल में 400 लाख करोड़ लूटा था - 
कुछ ही समय में भारतीयों के निवासियों को इनके बारे में पता चला गया था की ये आक्रमणकारियों के भेष में लूटरे हैं और उनके विरुद्ध अनेको युद्ध लड़े.
लेकिन युद्धों में नियमो के पक्के भारतियों को पहली बार चालबाज और मक्कार मुगलों से सामना हुआ, और भारतीय युद्ध हारते चले गए.

अंग्रेजो ने 250 सालो में 350 लाख करोड़ लूटा था -पहली बार ऐसा हुआ की भारतीय लूटेरो को पहचान नहीं पाए, क्यों की अंग्रेज व्यापरी बनकर भारत में घुसे थे .जब इन धूर्तो को पहचाना तब तक सनातनी इज्जत और पैसा दोनों ही अंग्रेजो के हाथो गँवा बेठे थे.

काले अंग्रेजो ने महज 64 वर्षो में 450 लाख करोड़ लूट लिए -गजनवी ,मुग़ल आक्रमणकारियों के भेष में लूटरे थे,अंग्रेज व्यापारियों के भेष में लूटरे थे ,और ये काले अंग्रेज नेता के रूप हें, मेमने की खाल में भेडिये हैं, ये देश को खुद तो लूट ही रहे हैं, बल्कि दुसरे देशो को भी भारत को लूटने के लिए बेच रहे हैं।
साभार - Bhartiya Sanskriti hi sarvshreshth Hai (भारतीय संस्कृति ही सर्वश्रेष्ठ है)



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