मुंबई हमले के आरोपी कसाब को कांग्रेस सरकार देगी जीवनदान, देश के प्रति सच्ची श्रधांजली केसे ??? ये तो सब जानते ही हें, पहले से अफजल गुरु कई सालो से फांसी के इन्तजार में बेठा हें । फिर भी सरकार ना सही देश की सुप्रीम कोर्ट ने आज मुंबई पर वर्ष 2008 में हुए आतंकी हमले में पकड़े गए एकमात्र जीवित आतंकी अजमल आमिर कसाब की फांसी की सजा बुधवार को बरकार रखी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कसाब ने सबसे बड़ा गुनाह किया है। कसाब के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। कसाब का गुनाह माफी के लायक नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने कसाब के इस तर्क को खारिज कर दिया, कि मुंबई पर हुआ आतंकी हमला भारत सरकार के खिलाफ एक युद्ध था, न कि भारत देश या यहां के लोगों के खिलाफ।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत देश का एक मात्र निर्वाचित अंग, और संप्रभु सत्ता का केंद्र भारत सरकार ही है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी का प्राथमिक और मुख्य अपराध भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ना ही था।
मुंबई की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2010 में कसाब के खिलाफ फांसी की सजा सुनाई थी। कसाब ने इस फैसले को बंबई उच्च न्यायालयम में चुनौती दी थी, जिसे न्यायालय ने फरवरी 2011 में अमान्य कर दिया था।
मुंबई पर हुए हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी। पाकिस्तानी आतंकियों ने समुद्र के रास्ते मुंबई पर हमला किया था, जिसमें कसाब भी शामिल था। बाकी के आतंकी मारे गए थे, लेकिन कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था।
अब देखना ये हें की आतंकियों को जेलों में पालने वाली और उनकी सेवा करने वाली ये भ्रष्ट कांग्रेस सरकार कितने दिन में उसे फांसी पर लटकाती हें, मुझे नही लगता की कसाब को फांसी पे लटकाया जायेगा । क्यों की संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु को सुप्रीम कोर्ट द्वारा कई साल पहले फांसी की सजा सुनाने के बाद आज इतने सालो बाद भी सरकार ने उसे फांसी पर नही लटकाया , तो इस मामले में क्या उम्मीद रखे ? और शायद हो सकता हें की थोड़े टाइम बाद सरकार इन्हे देश से बाहर भेज कर कहेगी की जेल तोड़ कर भाग गये ।
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