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शनिवार, 18 अगस्त 2012

लखनऊ में पार्क में हिन्दू महिलाओं के कपड़े फाड़े, बुद्ध की मूर्ति तोड़ी असम मामले को लेकर....


पुलिस सुरक्षा में दंगे करते मुस्लिम 
पुलिस सुरक्षा में दंगे करते मुस्लिम उत्तर प्रदेश में ।
असम और म्यांमार की हिंसा में अल्पसंख्यकों पर हुए असर के विरोध में शुक्रवार को नमाज के बाद उत्तर प्रदेश में लखनऊ, कानपुर और इलाहाबाद में मुस्लिम हिंसक हो उठे। इस दौरान ना बीमार की परवाह की गई, और न बच्चों की। न महिलाओं को देखा गया और न अपाहिज को। बेतहाशा ईंट-पत्थर बरसाए गए हिन्दुओ के घरो पर और उनकी दुकानों में लूटपाट की गई। लखनऊ में बुद्ध पार्क घूमने गई हिन्दू महिलाओं को घेरकर उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। मुंबई में हुए हिंसक विरोध से कोई सबक न लेते हुए सुस्त पुलिस तंत्र ''मुल्ला''यम के पालतू कुत्तो असाउदिन ओवेसी और आज़म खान के दबाव के कारण तब सक्रिय हुआ, जब तमाम हिन्दू निर्दोष घायल हो चुके थे, और उनकी संपत्ति का भारी नुकसान हो चुका था।
 लखनऊ में दोपहर बाद पक्का पुल से शुरू अराजकता विधान भवन के सामने तक पहुंच गई। यहां टीलेवाली मस्जिद व आसफी इमामबाड़े में नमाज के बाद मुस्लिमो लोगों ने विधान भवन की ओर कूच कर दिया, और वहां तोड़फोड़ की। अधिकारी जब तक माजरा समझ पाते तब तक करीब एक हजार प्रदर्शनकारी गौतम बुद्ध पार्क पहुंच गए। कुछ ने पार्क की रेलिंग तोड़नी शुरू की तो कुछ ने स्वतंत्रता दिवस पर लगाई झालरों को नोच डाला। इसके बाद सैकड़ों लोग पार्क में कूद गए और टिकट खिड़की पर तोड़फोड़ कर पार्क में मौजूद पुरुषों, महिलाओं और कर्मचारियों को पीटने लगे। लोगो ने महिलाओ से पहले नाम पूछे, और हिन्दू नाम बताते ही इन्हें घेर कर सभी महिला पर्यटकों के कपड़े भी फाड़ दिए, उन्हें नग्न कर दिया।
 इस दौरान कई गाड़ियां तोड़ी गईं। पार्क में लगभग सब-कुछ तहस नहस कर डाला। पार्क में लगी गौतम बुद्ध की मूर्ति भी क्षतिग्रस्त कर दी गयी। आसपास की हिन्दुओ की दुकानें तोड़ीं और सामान लूट लिया। इसके बाद उपद्रवी कन्वेंशन सेंटर मोड़ पर पहुंचे और बसों व गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इन वाहनों में सवार लोगों से भी अभद्रता की गई। शायद उत्तर प्रदेश के हिन्दुओ को अक्ल आ गयी होगी, के समाजवादी पार्टी ?केसे हिन्दू समाज के लिए खतरा बन गयी, केसे ''मुल्ला''यम उनके लिए ''यम'' बन गया हें।

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