भारतीय संविधान की धारा 102 (1)(d) के तहत ये देश हित को नकारते हुए किसी दुसरे देश में आस्था रखने का मामला बनता है, जिस पर कार्यवाई होनी चाहिए थी, पर भारत की देशद्रोही नपुंसक कांग्रेसी सरकार में इतना दम कहाँ ? जो अपने बाप के खिलाफ कारवाही कर सके।
इतना ही नहीं ये खुले आम बांग्लादेशियों का समर्थन करते हुए कहता है की भारत को जल्दी से जल्दी इस्लामी राष्ट्र बनाने के लिए बांग्लादेशियों का होना अति आवश्यक है l
इस गद्दार ने अपनी सांसद निधि के पैसे से असम में केवल बांग्लादेशी भिखमंगों के लिए राहत शिविर लगाया है जिस पर 'केवल मुस्लिमों के लिए' का बोर्ड लगा है l यदि हम ऐसे गद्दारों का चेहरा सामने लाते हैं तो हमें सांप्रदायिक कहा जाता है....यही है भारत में धर्मनिरपेक्षता का असल चेहरा l अब भी नही समझ रहा हें देश का हिन्दू इनकी साजिश ?
इतना ही नहीं ये खुले आम बांग्लादेशियों का समर्थन करते हुए कहता है की भारत को जल्दी से जल्दी इस्लामी राष्ट्र बनाने के लिए बांग्लादेशियों का होना अति आवश्यक है l
इस गद्दार ने अपनी सांसद निधि के पैसे से असम में केवल बांग्लादेशी भिखमंगों के लिए राहत शिविर लगाया है जिस पर 'केवल मुस्लिमों के लिए' का बोर्ड लगा है l यदि हम ऐसे गद्दारों का चेहरा सामने लाते हैं तो हमें सांप्रदायिक कहा जाता है....यही है भारत में धर्मनिरपेक्षता का असल चेहरा l अब भी नही समझ रहा हें देश का हिन्दू इनकी साजिश ?
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