आज एक सवाल उन सभी कांग्रेसियों और सेकुलर के ठेकेदारों से...
कोई मुझे इतना बता दे कि जब इंदिरा गाँधी की हत्या हुयी तब सिक्खों पर उन्होंने कहर ढा दिया ,,,खुलेआम सिक्खो का कत्ल हुआ ,, उन्हें जिंदा जलाया गया, उनकी बहू बेटियों की आबरू लूटी गयी, उनके घरों से माल असबाब की लूट खसोट का खुला ओलम्पिक गेम चला....
कोई मुझे इतना बता दे कि जब इंदिरा गाँधी की हत्या हुयी तब सिक्खों पर उन्होंने कहर ढा दिया ,,,खुलेआम सिक्खो का कत्ल हुआ ,, उन्हें जिंदा जलाया गया, उनकी बहू बेटियों की आबरू लूटी गयी, उनके घरों से माल असबाब की लूट खसोट का खुला ओलम्पिक गेम चला....
मगर कश्मीर, मथुरा, बरेली, असम, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, इलाहाबाद, कानपुर में जो मासूम मरे, उसके बदले में कांग्रेसियों ने क्या किया ? तब कहाँ चली गयी थी कांग्रेसियों, तुम्हारी मर्दानगी ? क्या वों तुम्हारे भाई बन्धु नही थे ?क्या वों हिंदुस्तान की मिट्टी के नही थे ? चलो छोडो ये बताओ कि जब संसद में हमला हुआ, दिल्ली में कनाट प्लेस और रीगल सिनेमा पर हमला हुआ, तब कहाँ थे तुम लोग ? चलो छोड़ो ये बताओ कि जब मुंबई में हमला हुआ तब कहाँ ठंडा हो गया था तुम्हारे खून का उबाल ?
अबे सिर्फ इन नकली गांधियो के लिए ही तुम्हारा खून खोलता हैं ?
मतलब ये हुआ कि चाहे भारत की अस्मिता पर हमला हो जाए ? चाहे तुम्हारे परिवार के लोगो पर हमला हो जाये, तुम सिर्फ इन नकली गांधियो के लिए ही भौकोगे, जैसे मोदी जी पर भौक रहे हो ? कभी गोधरा को लेकर तों कभी नरौदा को लेकर ? कभी दो शब्द उनके लिए भी कह दो जो शहीद हो गए तुम्हारे इन गांधियो की वजह से ? क्योकि तुम्हारा अठ्ठा, मुल्ले का पठ्ठा राहुल गाँधी कहता हैं कि आतंकी हमले नही रोके जा सकते ? तों कैसे निभाएगा बड़ी जिम्मेदारी ? क्यों बे ? कैसे निभाएगा ?
क्या करू, गुस्सा बहुत आता हैं, और चाहता हूँ कि सारी सीने की आग निकाल कर रख दूँ .....
खैर, मेरा एक प्रश्न अपने सिक्ख भाइयो से भी हैं कि इस काले कोयले प्रधानमंत्री को सिक्ख बिरादरी में रहने का वाकई अधिकार हैं ? क्या १९८४ के दंगे में मनमोहन के हाथ और कपडो पर सिक्खो के ही खून के छीटे नही हैं ? कहाँ हैं वों इन्साफ की देवी जिसने माया कोडनानी और बाबू बजरंगी को तों जेल की सलाखों में पहुँचा दिया, मगर अफजल और कसाब को ये सोनिया अपनी छाती से लगाकर स्तनपान करा रही हैं? कहाँ हैं वों नौटंकी (सोनिया ) जो अपने पति की लाश पर दो आँसू ना बहा सकी, मगर इन मुल्लो की छाती पर फूट फूट कर रोती हैं....
ये सेकुलरवाद और हिन्दुओ की निष्क्रियता हिंदुस्तान को एक दिन ऐसे गर्त के सागर में ले जाकर डुबो देगा, जहाँ से सिर्फ और सिर्फ मुगलिस्तान के नारे सुनाई देंगे ..
वन्देमातरम
अबे सिर्फ इन नकली गांधियो के लिए ही तुम्हारा खून खोलता हैं ?
मतलब ये हुआ कि चाहे भारत की अस्मिता पर हमला हो जाए ? चाहे तुम्हारे परिवार के लोगो पर हमला हो जाये, तुम सिर्फ इन नकली गांधियो के लिए ही भौकोगे, जैसे मोदी जी पर भौक रहे हो ? कभी गोधरा को लेकर तों कभी नरौदा को लेकर ? कभी दो शब्द उनके लिए भी कह दो जो शहीद हो गए तुम्हारे इन गांधियो की वजह से ? क्योकि तुम्हारा अठ्ठा, मुल्ले का पठ्ठा राहुल गाँधी कहता हैं कि आतंकी हमले नही रोके जा सकते ? तों कैसे निभाएगा बड़ी जिम्मेदारी ? क्यों बे ? कैसे निभाएगा ?
क्या करू, गुस्सा बहुत आता हैं, और चाहता हूँ कि सारी सीने की आग निकाल कर रख दूँ .....
खैर, मेरा एक प्रश्न अपने सिक्ख भाइयो से भी हैं कि इस काले कोयले प्रधानमंत्री को सिक्ख बिरादरी में रहने का वाकई अधिकार हैं ? क्या १९८४ के दंगे में मनमोहन के हाथ और कपडो पर सिक्खो के ही खून के छीटे नही हैं ? कहाँ हैं वों इन्साफ की देवी जिसने माया कोडनानी और बाबू बजरंगी को तों जेल की सलाखों में पहुँचा दिया, मगर अफजल और कसाब को ये सोनिया अपनी छाती से लगाकर स्तनपान करा रही हैं? कहाँ हैं वों नौटंकी (सोनिया ) जो अपने पति की लाश पर दो आँसू ना बहा सकी, मगर इन मुल्लो की छाती पर फूट फूट कर रोती हैं....
ये सेकुलरवाद और हिन्दुओ की निष्क्रियता हिंदुस्तान को एक दिन ऐसे गर्त के सागर में ले जाकर डुबो देगा, जहाँ से सिर्फ और सिर्फ मुगलिस्तान के नारे सुनाई देंगे ..
वन्देमातरम

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